बढ़ती उम्र में बोन मिनरल डेंसिटी का कम होना ख़तरे की निशानी है… एक ताज़ा शोध में पाया गया है कि युवाओं में कम होती बोन मिनरल डेंसिटी यानी बीएमडी की एक बड़ी वजह है कम्प्यूटर पर ज़्यादा वक़्त बिताना…

नॉर्वे में 15 से 18 आयु वर्ग के किशोरों पर एक रिसर्च किया गया… इस शोध में 463 लड़कियां और 484 लड़के शामिल थे… इन बच्चों में डीएक्सए यानी डुअल एनर्जी एक्स-रे एब्सॉर्पश्मेट्री पद्धति से बीएमडी को मापा गया… बच्चों से साक्षात्कार और प्रश्नावलियों के ज़रिये उनकी जीवनशैली और खान-पान के बारे में सवाल पूछे गए…

शोधकर्ताओं ने पाया कि लड़कियों  की तुलना में लड़के टीवी और कम्प्यूटर जैसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के सामने ज़्यादा समय बिताते हैं… और लड़कों में बीएमडी लड़कियों की तुलना में ज़्यादा कम हो रहा है…

नॉर्वे के आर्कटिक विश्वविद्यालय की प्रोफ़ेसर और शोध के प्रमुख लेखकों में से एक डॉ. एनी विंथर के मुताबिक किशोरावस्था में बीएमडी में गिरावट काफ़ी ख़तरनाक साबित हो सकता है… जो कि भविष्य में ओस्टियोपोरेसिस और हड्डी की अन्य बड़ी बीमारियों का कारण बन सकता है…

अंतर्राष्ट्रीय ओस्टियोपोरेसिस फ़ाउंडेशन (आईओएस) के मुताबिक पूरे विश्व में पचास से ऊपर के आयु वर्ग में पांच में से एक व्यक्ति ओस्टियोपोरेसिस के कारण फ्रैक्चर की समस्या से जूझ रहा है…

आम धारणा है कि महिलाओं की हड्डियां कमज़ोर होती हैं… और वे ओस्टियोपोरेसिस का ज़्यादा शिकार होती हैं… लेकिन ऐसा नहीं है… ख़राब जीवनशैली और खान-पान में गड़बड़ी के कारण पुरुषों और लड़कों का बीएमडी स्तर गिर रहा है…

ओस्टियोपोरेसिस और हड्डी की अन्य बीमारियां या फिर कमज़ोर हड्डियां वृद्धावस्था में ज़्यादा तक़लीफ़ पहुंचाती हैं… लेकिन स्वस्थ हड्डियों के लिए इन पर बचपन से ही ध्यान देना ज़रूरी है… अपने खाने पीने में ऐसी चीज़ों को शामिल करना जो हड्डियों को मज़बूत करें… कैल्शियम और विटामिन डी की पूरी खुराक लेना… टीवी और कम्प्यूटर स्क्रीन पर ज़्यादा वक़्त न बिताना… शारीरिक गतिविधियों और व्यायाम से अपने आपको फ़िट रखकर आप ओस्टियोपोरेसिस का शिकार होने से बच सकते हैं…

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