सीएम योगी ने बताया इतने लाख लोगों के लिए रोजगार के हैं अवसर।

उत्तर प्रदेश की पर्यटन क्षमता को देखते हुए योगी सरकार ने बड़ी योजना बनाई है। जिसके परिणामस्वरूप पर्यटन स्थलों में रोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा होंगे। दरअसल हाल ही में लखनऊ में हुए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में सीएम योगी आदित्यनाथ के निरंतर प्रयासों के कारण पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्रों ने भी निवेशकों का आकर्षित किया है।

जापान की कंपनी ने 72 सौ करोड़ के एमओयू साइन किए

उत्तर प्रदेश के 30 शहरों में जापान होटल बनाएगा। जीआईएस 2023 में जापान के प्रतिनिधियों ने भी यूपी के बदले माहौल की सराहना की। निवेशकों ने 7,200 करोड़ रुपये के निवेश के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए। शिखर सम्मेलन में जापानी कंपनी होटल मैनेजमेंट इंटरनेशनल कंपनी लिमिटेड (एचएमआई ग्रुप) ने आगरा, अयोध्या और वाराणसी सहित 30 शहरों में होटल खोलने का फैसला किया है।

इन दो क्षेत्रों में मिले बड़े निवेश प्रस्ताव

उत्तर प्रदेश में पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी केंद्रों के निवेश प्रस्तावों के बारे में जानकारी देते हुए कहा गया है कि दोनों क्षेत्रों को क्रमश: 98,193 करोड़ रुपये और 20,722 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे आने वाले वर्षों में दोनों क्षेत्रों से करीब 1.45 लाख रोजगार के मौके सृजित होंगे।

इन शहरों ने किया पर्यटन क्षमताओं का विकास

इसके अलावा विश्वनाथ धाम कॉरिडोर और विंध्य धाम के निर्माण से भी पर्यटन में भारी वृद्धि की संभावना जताई गई है। अब तक की आईं सभी रिपोर्ट यही बता रही हैं कि योगी आदित्यनाथ के सत्ता में आने के बाद से विश्वनाथ धाम कॉरिडोर और विंध्य धाम के निर्माण के साथ आगरा, मथुरा, चित्रकूट और झांसी समेत कई शहरों ने भी अपनी पर्यटन क्षमता का विकास किया है।

पश्चिमांचल से बुंदेलखंड तक मिलेगा रोजगार

यूपी सरकार को शीर्ष 20 क्षेत्रों समेत पर्यटन में 397 प्रस्ताव प्राप्त हुए। इसके माध्यम से 98,193 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है। इससे 2।60 लाख से ज्यादा लोगों को नौकरियां मिलेंगी। जबकि हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में 437 प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। इससे पश्चिमांचल, पूर्वांचल, मध्यांचल और बुंदेलखंड के करीब एक लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा।(एएमएपी)