डॉ. वैदिक देश के बड़े पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक थे। उन्होंने नवभारत टाइम्स और प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई) जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से अन्तरराष्ट्रीय राजनीति में पीएचडी की और वे अनेक भारतीय और विदेशी शोध-संस्थानों और विश्वविद्यालयों में विजिटिंग प्रोफेसर रहे। वे रुसी, फारसी, जर्मन और संस्कृत के भी अच्छे जानकार थे।

अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ डॉ. वैदिक ने विभिन्न विश्व राजनीतिक नेताओं और विचारकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया था। वे भारत के ऐसे पहले विद्वान हैं, जिन्होंने अपना अंतरराष्ट्रीय राजनीति का शोध-ग्रंथ हिन्दी में लिखा। डॉ. वैदिक वर्तमान में भारतीय भाषा सम्मेलन और भारतीय विदेश नीति परिषद् के अध्यक्ष थे। वे कई प्रतिष्ठित समाचार पत्र और पत्रिकाओं के लिए नियमित लेख लिखते रहे हैं।
डॉ. वैदिक को मीडिया और भाषा के क्षेत्र में काम करने के लिए कई सम्मानों से नवाजा गया। जिनमें विश्व हिन्दी सम्मान (2003), महात्मा गांधी सम्मान (2008), दिनकर शिखर सम्मान, पुरुषोत्तम टंडन स्वर्ण-पदक, गोविंद वल्लभ पंत पुरस्कार, हिन्दी अकादमी सम्मान, लोहिया सम्मान, काबुल विश्वविद्यालय पुरस्कार, मीडिया इंडिया सम्मान, लाला लाजपतराय सम्मान आदि शामिल हैं।(एएमएपी)



