जयपुर में शनिवार को अन्तरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन को संबोधित करते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री शर्मा ने वैश्य समुदाय को देश की आर्थिक रीढ़ बताते हुए कहा है कि इस समुदाय में संगठन की प्रबल शक्ति और समाज के प्रति गहरी प्रतिबद्धता है।भारत के इतिहास में वैश्य समुदाय का योगदान सदैव अग्रणी रहने का दावा करते हुए शर्मा ने कहा कि यह समुदाय देश की आर्थिक रीढ़ है तथा इसने हजारों वर्षों से देश की अर्थव्यवस्था को थामे रखा है। उन्होंने कहा कि इस समुदाय में संगठन की प्रबल शक्ति और समाज के प्रति गहरी प्रतिबद्धता है।

उन्होंने कहा कि देश की आजादी के बाद छोटे व्यापारियों से लेकर बड़े उद्योगपतियों तक सभी ने मिलकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया तथा उद्योग, व्यापार और रोजगार में वैश्य समाज का योगदान किसी से छुपा नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विकसित भारत 2047 और विकसित राजस्थान 2047 का लक्ष्य वैश्य समुदाय के विकास और सहयोग के बिना अधूरा है। उन्होंने कहा कि इस समुदाय के अनुभवी व्यापारियों के पास ज्ञान और अनुभव है, इसलिए उस अनुभव को नई पीढ़ी तक पहुंचाकर स्टार्टअप और छोटे उद्यमों को प्रोत्साहित किया जाए।

उन्होंने कहा कि देश-विदेश में रहने वाला वैश्य समुदाय सामाजिक सरोकार के कार्यों और अपनी संस्कृति से हमेशा जुड़ा रहता है। उन्होंने युवाओं से उद्योग के क्षेत्र में आगे बढ़ने की अपील करते हुए कहा “युवा नौकरी लेने वाले नहीं, देने वाले बनें। राजस्थान सरकार हर वर्ग और क्षेत्र के विकास का ‘रोडमैप’ बनाकर काम कर रही है।”

राजस्थान में विकास की अपार संभावनाएं बताते हुए उन्होंने कहा कि खनन, पर्यटन और उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों के लिए नीतियां जारी की गई हैं।