राजीव रंजन।

वैभव सूर्यवंशी जब बल्लेबाजी करते हैं, तो लगता है कोई झरना बह रहा है। ग़ज़ब का बैट स्विंग, शॉट पर अद्भुत कंट्रोल। वर्ल्ड क्लास गेंदबाजों का कोई खौफ़ नहीं, उल्टे गेंदबाजों में उनका ख़ौफ़ पसर गया है। टीमें उनको रोकने की प्लानिंग कर रही हैं। दुनिया के दिग्गज गेंदबाजों की वो जमकर धुनाई कर रहे हैं। चाहे वो विश्व का टॉप गेंदबाज जसप्रीत बुमराह हो या पैट कमिंस हो या फिर मोहम्मद शमी हो या फिर कोई और। जोफ्रा आर्चर ईश्वर को धन्यवाद दे रहे होंगे कि आईपीएल में उनको वैभव को गेंदबाजी नहीं करनी पड़ रही है।

जब वैभव सूर्यवंशी बल्लेबाजी करने उतरते हैं, तो क्रिकेट महज़ खेल नहीं रह जाता, वह एक प्रवाह बन जाता है, पहाड़ों से उतरते किसी कलकल करते झरने की तरह। उनके बल्ले से निकलते शॉट में ऐसी लय होती है, जैसे कोई सिद्धहस्त वादक सितार के तारों पर उंगलियां फेर रहा हो। सबकुछ इतना स्वाभाविक और इतना सहज कि लगता ही नहीं कि यह कोई पंद्रह वर्ष का बच्चा कर रहा है। ऐसा लगता है, मानो वर्षों का अनुभव उसकी कलाइयों को संचालित कर रहा है। पावर ऐसी, जैसे कोई हॉर्स हो।

दुनिया के बड़े-बड़े गेंदबाज, जिनकी गेंदों पर अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाज भी थर्रा उठते हैं, वैभव के सामने असहाय नज़र आ रहे हैं। जसप्रीत बुमराह की यॉर्कर की धार हो, पैट कमिंस की आक्रामक उछाल हो या मोहम्मद शमी की सीम गेंदबाजी, कुछ भी वैभव को विचलित नहीं करता। वह उन पर आसानी से छक्के लगाते हैं। वह सचमुच गेंदों को खेलते हैं, गेंदबाजों की प्रतिष्ठा को नहीं। अब तो स्थिति यह है कि टीमें वैभव को रोकने के लिए विशेष प्लानिंग कर रही हैं। क्रिकेट की दुनिया में यह सम्मान सिर्फ़ उन्हीं खिलाड़ियों को मिलता है, जिनके भीतर भविष्य का महानायक दिखाई देता है।

Vaibhav Sooryavanshi | Cricket, Career, Player, Profile, Indian Premier  League, IPL 2026, Stats, Age, Date of Birth, & Facts | Britannica

15 साल की उम्र और महज दूसरा आईपीएल सीज़न। फिर भी इतने कम समय में आईपीएल के कई रिकॉर्ड उनके नाम हो चुके हैं। एक आईपीएल सीज़न में सबसे ज्यादा छक्के अब उनके नाम हैं, वह भी यूनिवर्स बॉस क्रिस गेल को पीछे छोड़ कर। यह कोई सामान्य बात नहीं, बल्कि आने वाले समय की उद्घोषणा है। आईपीएल में उनके साथ जो बल्लेबाज ऑरेंज कैप की रेस में हैं, सब इस प्रारूप के स्थापित दिग्गज हैं। ये तथ्य अपने आप में बहुत कुछ कहता है। इसी तरह, अंडर 19 वर्ल्ड कप में उनकी विस्फोटक पारियों ने भारत की ख़िताबी जीत में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। अब वे ‘भारत- ए’ की टीम का श्रीलंका में प्रतिनिधित्व करेंगे। उनका चयन यह संकेत देता है कि भारतीय क्रिकेट ने अपने भविष्य की धड़कन पहचान ली है।

और यह कहानी सिर्फ़ क्रिकेट की नहीं है; यह भूगोल और परिस्थितियों को चुनौती देने की कहानी भी है। और सबसे अहम बात, वे बिहार जैसे राज्य से आते हैं, जहां क्रिकेट का कोई समुचित बुनियादी ढांचा तो नहीं है, लेकिन राजनीति बेशुमार है। जहां प्रतिभाओं को अक्सर अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्षों की कई पिचें पार करनी पड़ती हैं, जिसमें बिहार क्रिकेट संघ की अत्यंत क्षुद्र राजनीति और दूरदृष्टि का अभाव भी शामिल है। और, इसी वजह से ईशान किशन जैसी असाधारण प्रतिभा को झारखंड से खेलना पड़ता है। इस लिहाज से, वैभव की उपलब्धि ख़ालिस उनकी अपनी है, इसमें उनके राज्य क्रिकेट संघ की ज़रा सी भी भूमिका नहीं है। ऐसे प्रदेश से निकलकर विश्व क्रिकेट के दिग्गजों को चुनौती देना साधारण घटना नहीं। यह उनके अथक परिश्रम, ज़िद और प्रतिभा का परिणाम है।

आज हर तरफ़ मांग उठ रही है कि वैभव को टीम इंडिया में जगह दी जाए। वीरेंद्र सहवाग, रविचंद्रन अश्विन और माइकल वॉन जैसे दिग्गज खुलकर उनकी पैरवी कर रहे हैं, क्योंकि प्रतिभा जब इतनी प्रखर हो, तो उम्र उसके सामने छोटी पड़ जाती है।

न्यू चंडीगढ़ में सनराइजर्स हैदराबाद के ख़िलाफ़ आईपीएल 2026 के एलिमिनेटर में 29 गेंदों पर 97 रनों की वैभव की तूफ़ानी पारी ने क्रिकेट जगत को स्तब्ध कर दिया। दूसरे शब्दों में कहें, तो सबको उनका मुरीद बना दिया है। क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर, व्हाइट बॉल क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक युवराज सिंह, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के दिग्गज केविन पीटरसन, क्रिस गेल और आंद्रे रसेल जैसी शख्सियतें ट्विटर पर वैभव की प्रशंसा करते नहीं अघा रहीं।

सचिन तेंदुलकर 29 गेंदों पर 97 रनों की पारी की प्रशंसा करते हुए ट्विटर पर लिखते हैं- “वैभव सूर्यवंशी का बैट स्विंग बेहद शानदार रहा है। इससे भी अधिक उल्लेखनीय बात यह है कि वह कितनी ख़ूबसूरती से अपना आगे वाला पैर हटाकर पैरों की तरफ आती गेंदों के लिए जगह बना लेते हैं। यही आज़ादी उन्हें उस अंदाज़ में खेलने की क्षमता देती है, जिस अंदाज़ में वे खेलते हैं। वह पारी सचमुच किसी करिश्मे से कम नहीं थी!” सचिन का ये ट्वीट वैभव के बारे में सबकुछ कह देता है।

पंद्रह साल का यह किशोर आज बड़े-बड़े दिग्गजों की पेशानी पर बल ला रहा है। उसकी बल्लेबाजी में निडरता है, सौंदर्य है, आक्रामकता है और सबसे बढ़कर, एक नए युग की आहट है। सचमुच, वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा सितारा है। यह लड़का विश्व क्रिकेट के क्षितिज पर उगता हुआ सूर्य है।