मलेशिया की एयरलाइन एयरएशिया ने एयरएशिया इंडिया में अपनी शेष हिस्सेदारी एयर इंडिया को बेचने के लिए करार किया है। कंपनी ने एक बयान में यह जानकारी दी। टाटा समूह और मलेशियाई इकाई के स्वामित्व वाली एयरएशिया इंडिया ने जून, 2014 में ऑपरेशन शुरू किया था। एयरएशिया एविएशन ग्रुप लिमिटेड ने बयान में कहा कि उसने एयरएशिया इंडिया में शेष शेयरों को एयर इंडिया को बेचने के लिए एक शेयर खरीद समझौता किया है। हालांकि इसने इस संदर्भ में कोई विशेष जानकारी साझा नहीं की।इसके साथ ही टाटा ग्रुप के पास एयरएशिया इंडिया की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी आ गई है और एयरएशिया एयर इंडिया का हिस्सा बन जाएगा। एयरएशिया इंडिया, टाटा संस और एयर एशिया इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के बीच एक संयुक्त उद्यम था। इसमें टाटा संस की 83.67 प्रतिशत हिस्सेदारी और एयर एशिया इन्वेस्टमेंट के पास 16.33 प्रतिशत हिस्सेदारी है। जिसे अब एयर इंडिया खरीद रही है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने इस साल जून में एयर इंडिया द्वारा एयरएशिया इंडिया की संपूर्ण हिस्सेदारी के प्रस्तावित अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है।

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एयरएशिया एविएशन ग्रुप के (समूह) मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) बो लिंगम ने कहा कि जब हमने 2014 के बाद से पहली बार भारत में परिचालन शुरू किया तो एयरएशिया ने यहां एक विशाल कारोबार बनाया, जो दुनिया के सबसे बड़े नागर विमानन बाजारों में से एक है।

वहीं हाल ही में एयर इंडिया के प्रमुख कैम्पबेल विल्सन ने कहा कि एयरलाइन का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में 30 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करना है। टाटा समूह ने इस साल जनवरी में घाटे में चल रही एयरलाइन का नियंत्रण हासिल किया था और उसने अब एयर इंडिया की पुनरुद्धार योजना ‘विहान डॉट एआई’ को लागू किया है। विल्सन ने यहां पत्रकारों से कहा कि कंपनी का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में 30 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करना है। एयरलाइन की इस समय घरेलू बाजार में 10 फीसदी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में 12 फीसदी हिस्सेदारी है। (एएमएपी)