12 सूत्रीय मांगों को लेकर सीएम से मिलने पहुंचे थे पंचायत अध्यक्ष
45 मिनट तक चली जिला पंचायत अध्यक्षों संग वार्ता
जिला पंचायत अध्यक्षों की मांगों को मुख्यमंत्री ने 45 मिनट तक सुनने के बाद जिला पंचायत अध्यक्षों को राज्य मंत्री के रूप में दिए गए प्रोटोकॉल का विधिवत पालन कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि आवास एवं सुरक्षा प्रदान करने के साथ ही राष्ट्रीय पर्व के मौके पर जिले में मंत्रीगणों की अनुपस्थिति पर जिला पंचायत अध्यक्ष से ध्वजारोहण कराने, जिला पंचायत अध्यक्षों को दिए जाने वाले मानदेय एवं भत्ते में वृद्धि कर 1 लाख रुपए किए जाने, जिला पंचायत से स्वीकृत होने वाले सभी निर्माण कार्यो में जिला पंचायत अध्यक्षों से अनुमोदन लिए जाने और सांसद एवं विधायकों की तरह जिला पंचायत अध्यक्षों को शासन की तरफ से परिचय पत्र जारी करने की मांग को तुरंत स्वीकार कर अमल करने की घोषणा की। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि जिला पंचायत अध्यक्षों की बाकी बचे मांगों पर अधिकारियों का दल बनाकर परीक्षण के बाद जल्द ही इसे भी लागू करेंगे।
जिला पंचायत अध्यक्षों ने फिर बीजेपी सरकार बनाने का लिया संकल्प
इस मौके पर जिला पंचायत संघ के अध्यक्ष एवं सागर जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत ने मुख्यमंत्री से कहा कि आपके नेतृत्व में वर्ष 2023 में एक बार फिर बीजेपी की सरकार बनेगी। हम सब चाहते हैं कि आपके दिए गए अधिकारों का उपयोग कर मध्य प्रदेश की जनता की हित में पार्टी की अवधारणा को आगे बढ़ाते हुए समग्र विकास की परिकल्पना को साकार करें।

इन मांगों को लेकर पहुंचे थे जिला पंचायत अध्यक्ष
- शासन की ओर से कलेक्टरों को स्पष्ट निर्देश दिया जाए कि शासन ने जिला पंचायत अध्यक्षों को राज्य मंत्री का दर्जा दिया है। लिहाजा, प्रोटोकॉल का विधिवत पालन किया जाए।
- पूर्व के वर्षो की तरह जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की गोपनीय चरित्रावली पर मतांकन के अधिकार दिए जाए।
- जिला पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विभिन्न विभागों में पदस्थ तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के स्थानांतरण के पूर्व अनुमोदन के अधिकार प्रदत्त किए जाए।
- जिला पंचायत अध्यक्षों का मानदेय एवं वाहन भत्ता, डीजल सहित वृद्धि कर राशि को 1 लाख रुपये की जाए।
- जिला पंचायत अध्यक्षों को स्वेच्छा विकास निधि 25 लाख रुपए प्रति विधानसभा क्षेत्र के मान से प्रदान किए जाए
- पंचायत राज अधिनियम 1994 को पुन यथावत लागू किया जाए।
- जिला पंचायत अध्यक्षों को विधायक सांसद की तरह परिचय-पत्र जारी किया जाए।
- जिला पंचायत से स्वीकृत होने वाले मनरेगा निर्माण कार्य सहित सभी तरह के निर्माण कार्यों के साथ जिला पंचायत अध्यक्षों से अनुमोदन लिया जाए।
- राष्ट्रीय पर्व के समय जिन जिलों में मंत्री नहीं पहुंच पाते हैं, वहां जिला पंचायत अध्यक्षों से ध्वजारोहण कराया जाए।
- जिला पंचायत अध्यक्षों को जिला योजना समिति में पदेन सदस्य घोषित किया जाए।
- जिले में गौण खनिज की राशि से स्वीकृत होने वाले विकास कार्यो की समिति में जिला पंचायत अध्यक्ष को शामिल किया जाए।
- जिला पंचायत अध्यक्षों को 15वें वित्त अथवा अन्य मदों की जो राशि शासन द्वारा प्राप्त होती है, उससे कम से कम तीन गुना वृद्धि की जाए। (एएमएपी)



