राजस्थान की राजधानी जयपुर से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। करणी सेना के संस्थापक लोकेंद्र सिंह कलवी का निधन हो गया है। वह पिछले कुछ समय से एसएमएस अस्पताल में भर्ती थे। उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं था। उन्होंने एसएमएस अस्पताल में ही अंतिम सांस ली। लोकेंद्र सिंह कलवी पहले ब्रेन स्ट्रोक का शिकार हुए थे। इस वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अब अचानक से कार्डियक अरेस्ट (हार्ट अटैक) की वजह से डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। लोकेंद्र सिंह कलवी का नागौर जिले के कलवी गांव में अंतिम संस्कार किया जाएगा।जानकारी के अनुसार, ब्रेन स्ट्रोक आने के बाद लोकेंद्र सिंह कलवी का अस्पताल में इलाज चल रहा था। उनका जून 2022 के बाद से ही इलाज चल रहा था। करणी सेना की स्थापना करने वाले लोकेंद्र सिंह कलवी कई वर्षों से अपने समाज के हित और मांगों को लेकर मुखर थे। लोकेंद्र सिंह कलवी कई मसलों को लेकर अक्सर ही सुर्खियों में बने रहते थे। खासकर राजपूत समाज की अस्मिता को लेकर वह काफी सजग और मुखर रहते थे। बता दें कि लोकेंद्र सिंह कलवी के पिता कल्याण सिंह कलवी कुछ समय के लिए राज्य और केंद्र में मंत्री भी रहे थे।

चुनाव भी लड़ चुके थे लोकेंद्र सिंह कलवी
लोकेंद्र सिंह कलवी सामाजिक मुद्दों के साथ ही राजनीति में सक्रिय रहते थे। उन्होंने नागौर से लोकसभा का चुनाव भी लड़ा था। हालांकि, इस चुनाव में उन्हें हार मिली थी। साल 1998 में उन्होंने भाजपा प्रत्याशी के तौर पर बाड़मेर से चुनाव लड़ा था, लेकिन इस बार भी उन्हें शिकस्त मिली थी। साल 2003 में कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर उन्होंने एक सामाजिक मंच बनाया और अगड़ी जातियों के लिए आरक्षण देने की मांग को लेकर मुहिम छेड़ी थी।
पिता रह चुके थे मंत्री
लोकेंद्र सिंह कलवी को राजनीति विरासत में मिली थी। उनके पिता कल्याण सिंह कलवी चंद्रशेखर की सरकार में मंत्री रहे थे। बताया जाता है कि वह चंद्रशेखर के भरोसेमंद लोगों में से एक थे। लोकेंद्र सिंह कलवी ने अजमेर के मेये कॉलेज से पढ़ाई की थी। बता दें कि मेयो कॉलेज पूर्व राजपरिवारों के लिए पढ़ाई के लिए पसंदीदा रहा है।(एएमएपी)



