कर्नाटक बजट में अल्‍पसंख्‍यकों के लिए 300 करोड़, अन्‍य के हिस्‍से में केवल 20 करोड़

सिद्धारमैया ने पेश किया वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए बजट

कर्नाटक में शुक्रवार को राज्य का बजट पेश किया गया। बेंगलुरू स्थित विधानसभा में सीएम और वित्त मंत्री सिद्दारमैया ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए बजट पेश किया। बजट में कई चौंकाने वाले प्रावधान किए गए हैं। कर्नाटक सरकार ने बजट में वक्‍फ संपत्तियों के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। वहीं, ईसाई समुदाय के लिए 200 करोड़ रुपये और अन्‍य धार्मिक स्‍थलों के लिए 20 करोड़ रुपये के फंड का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा 10 करोड़ रुपये की लागत से भव्‍य हज भवन बनाने का भी ऐलान किया गया है। यह हज भवन मंगलौर में बनाया जाएगा। कर्नाटक विधानसभा में बजट के दौरान विपक्षी दलों ने कांग्रेस सरकार पर तुष्टिकरण का आरोप लगाया।

अल्‍पसंख्‍यकों के लिए फंड की बारिश

कर्नाटक के बजट में अल्‍पसंख्‍यकों के लिए फंड की बारिश की गई। वित्‍त विभाग की कमान संभाल रहे सीएम सिद्दारमैया ने मंगलोर में 10 करोड़ की लागत से भव्‍य हज भवन बनाने का ऐलान किया है। इसके अलावा पूरे कर्नाटक में 100 मौलाना आजाद स्‍कूल खोलने की भी घोषणा की है। सीएम सिद्दारमैया ने बौद्ध धर्मग्रंथ ‘त्रिपिटक’ का कन्‍नड़ में अनुवाद कराने की भी घोषणा की है। इसके लिए भी अलग से फंड की व्‍यवस्‍था की गई है। वित्‍त वर्ष 2024-25 का बजट पेश करते हुए सिद्दारमैया ने यह भी ऐलान किया कि, “सूबे में इस साल 7।50 करोड़ की लागत से 50 कैफे संजीवनी लॉन्च किए जाएंगे जिन्हें महिलाएं संचालित करेंगी। ये कैंटीन ग्रामीण इलाकों में साफ-सुथरा, स्वस्थ और कीफायती पारंपरिक खाना लोगों को मुहैया कराएंगी।”

आबकारी विभाग की सभी सेवाओं का डिजिटलीकरण

उन्होंने कहा, ”राज्य की पर्यटन क्षमता का पूरा उपयोग करने के लिए अधिक पर्यटकों और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए पर्यटन नीति को 2024-29 में संशोधित किया जाएगा। कोप्पल जिले की अंजनाद्री पहाड़ियाँ और आसपास के क्षेत्र पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व रखते हैं, इन क्षेत्रों में पर्यटन विकसित करने के लिए 100 करोड़ रुपये प्रदान किए जाएंगे।” सिद्धरमैया ने कहा, ”भारत में बनी शराब (आईएमएल) और बीयर के लिए कर की दरें संशोधित की जाएंगी। आबकारी विभाग द्वारा प्रदान की जाने वाली सभी सेवाओं को डिजिटल किया जाएगा।”

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5 गारंटी का उल्‍लेख

मुख्‍यमंत्री सिद्दारमैया ने कर्नाटक का बजट पेश करते हुए बताया कि कांग्रेस सरकार की ‘5 गारंटी’ योजनाओं के तहत करोड़ों लोगों के हाथों में 52,000 करोड़ रुपये दिया जा रहा है। उन्‍होंने बताया कि इन योजनाओं के माध्‍यम से कर्नाटक सरकार प्रदेश के हर परिवार को प्रति वर्ष औसतन 50,000 से 55,000 हजार रुपये दे रही है। सिद्दारमैया ने बजट भाषण के दौरान कहा, ‘गारंटी योजनाएं चुनावी हथकंडा नहीं हैं, बल्कि भारत जोड़ो यात्रा के दौरान प्राप्त फीडबैक का परिणाम हैं।’ उन्‍होंने केंद्र सरकार पर भी हमला बोला। कर्नाटक के सीएम ने कहा कि केंद्र के जन-विरोधी फैसलों से असमानता के साथ ही कुछ ही हाथों में पूंजी और साठगांठ वाला पूंजीवाद बढ़ा है।

नहरों के विकास पर 2 हजार करोड़ होंगे खर्च

इस बजट में राज्य सरकार ने वरुणा विधानसभा क्षेत्र में नहरों के विकास के लिए 2,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। कालाबुरागी शहर में पेयजल आपूर्ति के लिए भीमा और कागिना नदियों से बेने थोरा जलाशय में पानी भरने के लिए 365 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। सीएम सिद्धारमैया ने राज्य में जल संसाधन विकसित करने के लिए आवंटन की घोषणा करते हुए कहा, “चालू वित्त वर्ष में पेयजल और अंतर जल विकास के लिए कोप्पल जिले के यालाबुर्गा-कुकनूर तालुक की 38 झीलों को भरने की परियोजना के लिए 970 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। (एएमएपी)

यूपी के प्रयागराज कोर्ट में मंगलवार को पेश होगा माफिया अतीक अहमद

गुजरात की साबरमती जेल में बंद माफिया अतीक अहमद को प्रयागराज लाया जा रहा है। साबरमती जेल से उसको लेकर रविवार को चली उत्तर प्रदेश पुलिस टीम का काफिला सोमवार को झांसी पुलिस लाइन पहुंचा और यहां करीब डेढ़ घंटा रुकने के बाद गंतव्य के लिए रवाना हुआ। अतीक अहमद उमेश पाल हत्याकांड में नामजद आरोपित है। उसे मंगलवार को प्रयागराज के एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में पेश किया जाएगा।सड़क मार्ग के जरिए झांसी से प्रयागराज की दूरी करीब 418 किलोमीटर है। पुलिस टीम उसको लेकर आज देर शाम तक प्रयागराज पहुंच जाएगी। झांसी में उसके काफिले में एक कार भी शामिल की गई। सूत्रों ने बताया कि इस कार में अतीक की बहन, उसके परिवार के लोग और अधिवक्ता सवार हैं। अतीक का काफिला जब थाना रक्सा क्षेत्र स्थित शिवपुरी रोड पर चल रहा था तो काफिले के एक वाहन से एक गाय का टकरा गई। इस दौरान कुछ देर के लिए काफिला रोका गया था। बहन ने आशंका जताई है कि भाई अतीक का एनकाउंटर हो सकता है। भाई की तबीयत भी ठीक नहीं लग रही है।

साबरमती जेल से सड़क मार्ग से प्रयागराज लाये जा रहे अतीक की मॉनिटरिंग डीजीपी मुख्यालय से की जा रही है। आला अधिकारी इस पूरे ऑपरेशन की पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। इस दौरान काफिले में चल रही बहन ने कहा कि कोर्ट का जो फैसला होगा हम मानने को तैयार हैं। भाई की सुरक्षा को लेकर हमे चिंता सता रही है और इसी वजह से हम उनके साथ चल रहे हैं। बरेली जेल में बंद अतीक के भाई अशरफ को भी प्रयागराज लाया जा रहा है।

प्रयागराज में 24 फरवरी को सरेराह उमेश पाल और दो सरकारी गनर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना में अतीक अहमद और बरेली जेल में बंद उसके भाई अशरफ के साथ ही पत्नी शाइस्ता परवीन को भी आरोपित किया गया है। इस हत्याकांड में उसके बेटे असद समेत पांच शूटरों पर पांच लाख का इनाम घोषित है।(एएमएपी)

जज दिनेश चंद्र शुक्ला ने सुनाई थी गैंगस्टर अतीक को उम्रकैद, अब जेल में ऐसी कटेगी जिंदगी

गैंगस्टर से नेता बने अतीक अहमद को उम्रकैद की सजा और दो गुनहगारों को एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाने वाले जज दिनेश चंद्र शुक्ला को अब वाई कैटेगरी की सुरक्षा दी गई है। फैसला सुनाने से पहले तक दिनेश चंद्र शुक्ला को पुलिस की सुरक्षा मिली हुई थी।अतीक पर पिछले 44 साल से अलग-अलग केस के अलावा 17 साल से अपहरण का केस चल रहा था। लेकिन उसे सजा सुनाने की हिम्मत किसी में नहीं थी। साल 2012 में दस जजों ने अतीक अहमद मामले पर सुनवाई करने से मना कर दिया था।

कौन हैं जज दिनेश चंद्र शुक्ला

स्पेशल कोर्ट (एमपी-एमएलए) के प्रीसीडिंग ऑफिसर जज दिनेश चंद्र शुक्ला उत्तर प्रदेश के रायबरेली से आते हैं। दिनेश चंद्र शुक्ला ने अपने करियर की शुरुआत 21 अप्रैल 2009 को भदोही के ज्ञानपुर में बतौर ज्यूडिशल मैजिस्ट्रेट के तौर पर की थी। इससे पहले वो एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज के पद पर तैनात थे।

उन्होंने एडीजे झांसी, अडिशनल डिस्ट्रिक्ट और सेशन जज इलाहाबाद और मेरठ में डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस अथॉरिटी के सचिव के पद पर भी सेवाएं दी हैं।  2022 से दिनेश चंद्र शुक्ला स्पेशल कोर्ट (एमपी-एमएलए) के प्रीसीडिंग ऑफिसर का पद संभाल रहे हैं। शुक्ला 29 फरवरी 2028 को रिटायर हो जाएंगे।

जज दिनेश चंद्र शुक्ला के एजुकेशनल बैकग्राउंड पर एक नजर

दिनेश शुक्ला ने 1982 में हाईस्कूल, 1984 में इंटरमीडिएट, 1986 में बी कॉम, 1988 में एम कॉम, 1991 में एलएलबी और 2014 में पीएचडी की डिग्री ली।

वकालत के पेशे में सच का साथ देने में विश्वास रखते हैं दिनेश चंद्र शुक्ला

दिनेश चंद्र शुक्ल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वकालत के पेशे में सही का साथ देने की सीख दी जाती है। आज मैंने इसी बात को आधार मानते हुए अतीक अहमद के खिलाफ उम्र कैद का फैसला सुनाया।

जेल में कुछ ऐसी जिंदगी गुजारेगा अतीक

उम्र कैद की सजा मिलने के बाद माफिया अतीक अहमद को साबरमती जेल में बिल्ला नंबर एलाट हुआ है। अतीक अहमद साबरमती जेल का कैदी नंबर 17052 बना है। माफिया अतीक अहमद को अब उसके नाम के बजाय बिल्ला नंबर से पुकारा जाएगा। अतीक अहमद को सजायाफ्ता कैदियों वाली दो जोड़ी वर्दी भी दी गई। पूर्व सांसद को दो जोड़ी सफेद कुर्ता, पायजामा, टोपी और गमछा दिया गया है। अब उसे जेल में यही कपड़े पहनने होंगे।

जेल मैनुअल के मुताबिक अतीक को हर दिन जेल के काम करने पड़ेंगे। काम के बदले अतीक अहमद को रोजाना 25 रूपये मिलेंगे। जेल में अतीक अहमद का अकाउंट भी खोला गया है। काम के बदले अतीक अहमद को जो पैसे मिलेंगे वह इसी अकाउंट में जमा होते जाएंगे। अतीक को कुशल कारीगर की कैटेगरी में रखा गया है, इसलिए उसे रोजाना सिर्फ 25 रुपये मिलेंगे।

जेल मैनुअल के मुताबिक अतीक को खेती – किसानी, माली, बढ़ई, साफ-सफाई, जानवर पालन समेत अन्य काम में से किसी एक को चुनना होगा। दूसरे सजायाफ्ता कैदियों के बीच अतीक लाइन में खड़े होकर खाना लेना होगा। नियम के मुताबिक अतीक को हर दिन भोर में ही उठना पड़ेगा। जेल में बंद अतीक अहमद को पहले 380 ग्राम रोटी के साथ दाल चावल दिया जाता था। लेकिन अब 500 ग्राम रोटी व दूसरी खाने की चीजें दी जाएगी। सजायाफ्ता होने के बाद अतीक की बैरक भी बदल दी गई है। अतीक अब सजायाफ्ता कैदियों की पक्का बैरक में रहेगा।

अतीक के अलावा ये भी दोषी करार

17 साल पुराने केस में कोर्ट ने अतीक अहमद के अलावा दिनेश पासी और खान शौकत हनीफ को दोषी करार दिया। इसके अलावा बाकी सात अभियुक्तों को बरी किया गया है। माफिया अतीक और दिनेश पासी के खिलाफ 364 अ/34, 120 इ, 147, 323/149, 341, 342, 504, 506 (2) धाराएं लगाई गई हैं, वहीं खान शौकत के खिलाफ 364 और 120 इ धाराएं लगाई हैं।

अतीक पर क्या आरोप लगे थे जानिए

अतीक अहमद के ऊपर हत्या, हत्या की कोशिश, अपहरण, सरकारी काम में बाधा डालना, शांति व्यवस्था भंग करना, लाइसेंसी शस्त्र का दुरूपयोग, गुंडा एक्ट, रंगदारी जैसे मामलों में सौ से भी ज्यादा केस दर्ज हैं । ये सभी केस अलग-अलग राज्यों इलाहाबाद, लखनऊ, कौशांबी, चित्रकूट, देवरिया में दर्ज किए गए हैं ,लेकिन अतीक को अब तक किसी भी केस में सजा नहीं हुई थी। यह पहला मामला है जिसमें अतीक को सजा हुई है।

अपराध की दुनिया से करियर की शुरुआत करने वाला अतीक अहमद 1989 में राजनीति के क्षेत्र में आया और पांच बार विधायक और एक बार लोकसभा के लिए चुना गया। राजनीतिक सफर की शुरुआत निर्दलीय विधायक के तौर पर करने के बाद वो बहुजन समाज पार्टी, अपना दल और समाजवादी पार्टी में भी रह चुका है।

2004 में अतीक अहमद ने उस फूलपुर सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर लोकसभा का चुनाव जीता जहां से कभी देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू चुनाव जीतते थे। अतीक अहमद प्रयागराज का ही रहने वाले हैं और लंबे समय से उसकी छवि एक दबंग राजनीतिक की बनी हुई है। राजनीति में आने के बाद भी वो एक नेता या जनप्रतिनिधि के तौर पर कम, एक माफिया और बाहुबली के तौर पर ज्यादा जाना जाता रहा।

16 -17 साल की उम्र में पहला केस

अतीक का परिवार बहुत गरीब था, गरीबी की वजह से अतीक ज्यादा -पढ़ लिख भी नहीं पाया। अतीक सिर्फ दसवीं तक ही पढ़ा है। बेहद कम उम्र में अपराध की दुनिया में आ गया। कई रिपोर्टस ये बताती हैं कि वो नाबालिग था तब से अपराध की दुनिया में सक्रिय है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अतीक के पिता फिरोज अहमद इलाहाबाद में तांगा चलाया करते थे। 1979 पहली बार अतीक के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई और तब उसकी उम्र 16-17 साल की रही होगी।

अतीक को 10 साल तक उसके इलाके में लोग एक माफिया और बाहुबली के तौर पर जानते रहे। इसी दौरान उसने इलाहाबाद में शहर पश्चिमी से निर्दलीय विधानसभा का चुनाव लड़ा और जीत गया।  फिर वो लगातार जीतता रहा। इस तरह अतीक की छवि माफिया के साथ-साथ नेता के तौर पर भी बनने लगी।

अतीक का इन राजनीति दलों से रह चुका है संबध

साल 1989 में अतीक ने पहला चुनाव जीता और वो समाजवादी पार्टी के करीब होता चला गया। अतीक 1993 में समाजवादी पार्टी में शामिल हुआ। यह वही दौर था जब यूपी के अलावा पूरे देश में मंडल और कमंडल की राजनीति जोरों पर थी। तीन साल तक समाजवादी पार्टी में रहने के बाद अतीक अहमद ने 1996 में अपना दल में ज्वाइन कर लिया।

अतीक के बारे में खास बात ये थी कि अतीक चाहे किसी भी पार्टी में रहा हो वो इलाहाबाद शहर पश्चिमी लगातार चुनाव जीतता रहा। 2002 में अतीक ने  इस सीट से पांचवीं बार जीत हासिल की और 2004 में दोबारा समाजवादी पार्टी में शामिल हो गया। पार्टी ने अतीक को फूलपुर से लोकसभा का टिकट दे दिया और वो जीता भी।

साल 2004 में राजनीतिक ग्राफ बढ़ा और वो विधानसभा से लोकसभा पहुंच गया। लेकिन यही वो समय भी था जब उसका राजनीतिक ग्राफ गिरना शुरू हुआ। अतीक के इस्तीफे से खाली हुई सीट पर समाजवादी पार्टी अशरफ को टिकट दे दिया गया। अशरफ अतीक का भाई था। इसी सीट से बहुजन समाज पार्टी ने राजू पाल को टिकट दिया। इस उपचुनाव में राजू पाल ने अशरफ को हरा दिया। राजू पाल और अतीक कभी करीबी थे लेकिन राजनीति ने दोनों को अलग कर दिया था।

राजू पाल हत्याकांड

जनवरी 2005 में राजू पाल का मर्डर कर दिया गया। इस हत्याकांड में सीधे तौर पर अशरफ और अतीक का नाम आया। राजू पाल की जीत को अतीक अहमद ने अपनी प्रतिष्ठा पर ले लिया और उसका मर्डर करवा दिया। राजू पाल की पत्नी पूजा पाल ने इस मामले में अतीक अहमद और अशरफ के खिलाफ केस दर्ज कराया।

राजु पाल की हत्या के बाद इस सीट पर फिर उपचुनाव हुए जिसमें बीएसपी ने पूजा पाल को टिकट दिया। इस बार पूजा पाल अशरफ से चुनाव हार गईं।  2007 में हुए विधानसभा चुनाव में पूजा पाल ने अशरफ को चुनाव हरा दिया। यही नहीं, 2012 में इसी सीट पर पूजा पाल ने अतीक अहमद को भी चुनाव में शिकस्त दी।

यूपी में साल 2007 में बहुजन समाज पार्टी की सरकार बनी और अतीक अहमद को मोस्ट वांटेड करार कर दिया गया। 2008 में अतीक अहमद ने आत्मसमर्पण कर दिया और फिर 2012 में उसे जेल से रिहा किया गया।

2014 में समाजवादी पार्टी ने फिर से अतीक को लोकसभा का टिकट दिया लेकिन वो इस बार चुनाव हार गया। इस बीच अतीक की फिर से गिरफ्तारी हुई और 2019 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद साबरमती जेल भेज दिया गया।

24 फरवरी 2023 को राजूपाल हत्या कांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या हुई। उमेश की हत्या के बाद उमेश की पत्नी जया पाल ने भी अतीक अहमद के लिए फांसी की सजा की मांग की थी। उन्होंने कहा कि मैं कोर्ट से उम्मीद कर रही हूं कि अतीक अहमद को फांसी दी जाए। उमेश की पत्नी का ये कहना था कि अगर अतीक बच गया तो मेरा पूरा परिवार खत्म कर देगा।

उमेश पाल की पत्नी जया पाल ने ये कहा था कि अतीक का एनकाउंटर तो नहीं कर सके लेकिन चाहती हूं कि उसे फांसी की सजा मिले। जया पाल किसी भी तरह के खतरे के डर से सुनवाई के दौरान कोर्ट में भी मौजूद नहीं थी। सबूत के मद्देनजर अतीक पर आरोप लगा। इस मामले में अतीक और उसके सहयोगियों के अलावा उसकी पत्नी और बच्चों के खिलाफ भी केस दर्ज हुआ।(एएमएपी)

किसान आंदोलन पर कैट का केन्‍द्र से आग्रह,  व्यापारी, ट्रांसपोर्टर और उपभोक्ताओं को भी बातचीत में करें शामिल

किसान आंदोलन को लेकर कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से आग्रह किया है कि किसानों के साथ होने वाली वार्ता में व्यापारी संगठनों को भी शामिल किया जाए। इस मुद्दे पर कैट के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने केंद्रीय मंत्री एवं किसानों के साथ चल रही बातचीत में अहम भूमिका निभा रहे पीयूष गोयल को पत्र लिखा है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से मांग की है कि किसानों के साथ हो रही वार्ता में व्यापारी, ट्रांसपोर्टर एवं उपभोक्ताओं को भी शामिल किया जाए।

पीयूष गोयल को भेजा पत्र

कारोबारी संगठन कैट के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि किसानों के आंदोलन से व्यापार को हो रही परेशानियों के मद्देनजर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को एक पत्र भेजा है। खंडेलवाल ने कहा कि कैट ने किसानों के साथ होने वाली वार्ता में व्यापारियों, ट्रांसपोर्टर और उपभोक्ता सहित किसानी से संबंधित अन्य क्षेत्रों के प्रमुख संगठनों को भी शामिल करने की मांग की है।

क्‍या बोले कैट के राष्ट्रीय महामंत्री?

खंडेलवाल ने कहा कि किसान संगठनों के साथ किसी भी बातचीत अथवा समझौते का असर इन सभी वर्गों पर पड़ता है। यदि किसान घाटे की खेती कर रहा है तो उसकी खेती को लाभ में बदलने की जिम्मेदारी सामूहिक रूप से सबकी है। कैट महामंत्री ने कहा कि सभी को मिलकर इसका समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल केंद्र सरकार पर इसका ठीकरा फोड़ने की राजनीति से किसानों का कोई हित नहीं होने वाला है। खंडेलवाल ने कहा कि इस पत्र की प्रति केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा एवं केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय को भी भेजी गई है, जो पीयूष गोयल के साथ किसानों से वार्ता कर रहे हैं।

पत्र भेजने के पीछे ये है कारण

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया एवं राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन खंडेलवाल ने यह भी सुझाव दिया कि वर्तमान में जो आंदोलन चल रहा है वह प्रकट रूप में केवल पंजाब के किसानों का है जबकि देश के अन्य विभिन्न राज्यों में पंजाब से अधिक खेती होती है। इस दृष्टि से किसानों की समस्या के स्थायी समाधान के लिए देश के सभी 5-6 प्रमुख किंतु प्रामाणिक किसान संगठनों को भी बातचीत में शामिल किया जाये, जिससे बार-बार किसानों द्वारा आंदोलन करने की प्रवृति पर रोक लगे और एक ही बार में स्थायी समाधान हो। बार-बार किसान आंदोलन से व्यापार बुरी तरह प्रभावित होता है। वहीं जन सामान्य की अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

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प्रधानमंत्री मोदी को धमकी देना निंदनीय

खंडेलवाल ने कहा कि जिस प्रकार आंदोलनकारी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मारने की खुलेआम धमकी देने के साथ असभ्य भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, वो बेहद निंदनीय है। यह किसी भी हालत में स्वीकार नहीं है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से इस मामले का तुरंत स्वतः संज्ञान लेकर ऐसे सभी व्यक्तियों के खिलाफ अविलंब कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। कैट महामंत्री ने एमएसपी देने की जोरदार वकालत कर रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मुख्यमंत्री भगवंत मान और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से सबसे पहले कर्नाटक, पंजाब तथा पश्चिम बंगाल के किसानों को राज्य सरकार की ओर से एमएसपी की गारंटी देने की मांग की है, जो उनके अधिकार क्षेत्र में आता है। इसके लिए उन्हें केंद्र सरकार से स्वीकृति लेने की जरूरत नहीं है। (एएमएपी)

पुतिन को सता रहा मौत का खौफ! सीक्रेट ट्रेन और रूट का कर रहा उपयोग, खाना भी होता है चेक

यूक्रेन और रूस के बीच पिछले एक साल से युद्ध जारी है। इस बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को अपनी हत्या का डर सता रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार वह अपनी जान बचाने के लिए सीक्रेट ट्रेन और सीक्रेट रूट का इस्तेमाल कर रहे हैं। रूस की संघीय सुरक्षा सेवा (FSO) के पूर्व कैप्टन ग्लीब काराकुलोव ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सिक्योरिटी के लिए किए गए तमाम उपायों के बारे में जानकारी दी है।

ब्रिटिश दैनिक द गार्जियन के रिपोर्ट के अनुसार काराकुलोव ने गुप्त ट्रेन नेटवर्क के बारे में बताया। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के अलग-अलग शहरों में एक तरह के ऑफिस है। वो अपने ठिकाने को छिपाने के लिए एक गुप्त ट्रेन नेटवर्क का इस्तेमाल करते है। ग्लीब काराकुलोव ने पुतिन से जुड़ी जानकारी एक राजनीतिक सूचना संगठन डोजियर सेंटर के साथ इंटरव्यू में दी। रूसी अरबपति मिखाइल खोदोरकोवस्की ने डोजियर सेंटर की स्थापना की है। वहीं काराकुलोव ने पुतिन के सीक्रेट ट्रेन नेटवर्क के अस्तित्व की पुष्टि की। ग्लीब काराकुलोव ने पुतिन के कुछ सबसे गुप्त संदेशों को पहले पहुंचाने में मदद कर चुके हैं।

‘अपनी जिंदगी को लेकर डरे हुए हैं रूसी राष्ट्रपति’

रूस की संघीय सुरक्षा सेवा (FSO) के पूर्व कैप्टन ग्लीब काराकुलोव ने पुतिन को युद्ध अपराधी बताया। उन्होंने कहा कि रूसी राष्ट्रपति अपनी जिंदगी को लेकर डरे हुए हैं। रूसी राष्ट्रपति के विदेश दौरे पर फायर फाइटर, फुड टेस्टर और इंजीनियर शामिल होते है।

काराकुलोव ने अपनी सुरक्षा सेवाओं की रिपोर्ट पर पुतिन की निर्भरता का भी खुलासा किया। उन्होंने कहा कि पुतिन मोबाइल फोन या इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं करते। 2020 में कोविड महामारी के प्रकोप के बाद से पुतिन के व्यवहार और जीवन शैली में काफी बदलाव आया है। पुतिन ने तब लगभग सभी यात्राएं और सार्वजनिक स्थान पर जाना बंद कर दिया था।

नकली मोटरसाइकिल और विमानों का इस्तेमाल।।।

काराकुलोव के अनुसार, रूसी राष्ट्रपति के सेंट पीटर्सबर्ग, सोची और नोवो-ओगारियोवो में कार्यालय हैं। पुतिन की गुप्त सेवाएं विदेशी खुफिया से उनकी गतिविधियों को छिपाने और हत्या के किसी भी कोशिश को रोकने के लिए नकली मोटरसाइकिल और विमानों का इस्तेमाल करती हैं।

काराकुलोव ने पुष्टि की कि पुतिन ने खुद को कई तरह की चीजों से घेर लिया है। पुतिन जब भी कहीं जाते हैं तो वो उन लोगों की संख्या को काफी सीमित कर देते है, जिनका उसके साथ व्यक्तिगत संपर्क है।(एएमएपी)

कपिल शर्मा शो होने जा रहा डिजिटल, सुनील ग्रोवर की भी दिखेगी मजेदार कॉमेडी

अब नेटफ्लिक्स पर दिखेगा ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’

‘द कपिल शर्मा शो’ जब से बंद हुआ है, तब से फैंस को इंतजार है कि ये शो फिर से कब टीवी पर आएंगा, जिसको देखने के बाद पूरा परिवार एक साथ ठहाके लगाएंगा। शो तो वापस आ रहा है, लेकिन इस बार आप इस शो को सोनी टीवी पर नहीं देख सकेंगे। क्‍योंकि कपिल शर्मा अब अपने शो के साथ डिजिटल होने जा रहे हैं। अपनी गैंग के साथ अब वो नेटफ्लिक्स पर शो लेकर आ रहे हैं जिसका नाम है ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’। मजेदार बात यह है कि ‘गुत्थी’ और ‘डॉ। मशहूर गुलाटी’ के नाम से घर-घर में फेमस हुए सुनील ग्रोवर, एक बार फिर से कपिल के इस ‘परिवार’ में शामिल हो रहे हैं।

30 मार्च से हर शनिवार नेटफ्लिक्स पर होगा स्ट्रीम

दरअसल, कपिल और सुनील ग्रोवर ने भी अपने आपसी मनमुटाव को ठीक करके साथ आने का फैसला किया और अब वे मिलकर शो को आगे बढ़ाने वाले हैं। ओटीटी पर दुनिया भर का कॉटेंट देख रही ऑडियंस के लिए कपिल का ट्रेडमार्क ह्यूमर अटैक करेगा या नहीं ये 30 मार्च से पता चलेगा। कपिल शर्मा के नए शो का नाम ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ है। जो 30 मार्च से हर शनिवार रात 8 बजे नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होगा। आपको बता दें कि साल 2018 में कपिल शर्मा और सुनील ग्रोवर के बीच अनबन हुई थी। तब से दोनों के बीच बातचीत बंद थी। हालांकि, समय के साथ सब ठीक हो गया और दोनों पुरानी बातों को भूलकर आगे बढ़ गए हैं।

प्रोमो में नजर आए ये सितारे

इस शो का प्रोमो आ गया है और कपिल के साथ उनकी गैंग एक बार फिर से हंसी के फव्वारे लेकर तैयार नजर आ रही है। कपिल के साथ राजीव ठाकुर, कृष्णा, कीकू शारदा और अर्चना पूरण सिंह प्रोमो में नजर आ रहे हैं। मगर प्रोमो के एक फ्रेम में फिर से सुनील ग्रोवर का नजर आना इसे एक धमाकेदार चीज बना रहा है। ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ के प्रोमो में कपिल के साथ उनके सारे साथी सेट पर बैठे हुए नजर आ रहे हैं। ये लोग बैठकर डिस्कशन कर रहे हैं कि शो की अनाउंसमेंट कैसे की जाए कि एकदम आग ही लग जाए। अर्चना की राय है कि शो की अनाउंसमेंट टाइम्स स्क्वायर-बिग बेन-बुर्ज खलीफा पर पोस्टर के साथ कर दी जाए।

इसी सिलसिले में कृष्णा जब गेटवे ऑफ इंडिया से अनाउंसमेंट करने की सलाह देते हैं, तो चंदन अपने पुराने साथी सुनील ग्रोवर को इंट्रोड्यूस करते हुए कहते हैं कि उनके आने से शो का बजट बढ़ गया है। जैसे ही इस डिस्कशन में ‘स्काई-राइटिंग’ का आईडिया निकलता है, सुनील ग्रोवर तुरंत कहते हैं- ‘प्लेन से दूर ही रहते हैं’। यहां पर प्लेन में कपिल और सुनील के पंगे की तरफ इशारा किया गया है। इस पंगे के बाद से ही ये दोनों कॉमेडी स्टार्स कभी एकसाथ किसी प्रोजेक्ट में नहीं नजर आए।

गैंगस्टर कपिल सांगवान ने ली नफे सिंह हत्याकांड का जिम्‍मेदारी, सोशल मीडिया पर दी जानकारी

कपिल के कुछ साथी है मिसिंग

‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ के प्रोमो में जहां सुनील ग्रोवर का आना फैन्स के लिए सबसे बैद खुशी की बात है, वहीं उनके कुछ पुराने साथी भी शो से मिसिंग नजर आ रहे हैं। भारती सिंह और चंदन प्रभाकर जैसे कपिल के पुराने साथी इस बार उनके साथ नहीं दिखेंगे। ये देखना दिलचस्प होगा कि ओटीटी पर दुनिया भर का कंटेंट देख रही ऑडियंस, कपिल के ट्रेडमार्क ह्यूमर पर किस तरह रियेक्ट करता है। या फिर कपिल डिजिटल ऑडियंस के हिसाब से अपने कंटेंट का लेवल चेंज करने वाले हैं। ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ का इंतजार भी फैन्स के लिए बहुत लंबा नहीं होने वाला क्योंकि ये 30 मार्च से नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होगा।  (एएमएपी)

अरुणाचल में चीन पर बरसे अमित शाह, बोले- भारत अतिक्रमण नहीं करेगा बर्दाश्‍त

देश के गृहमंत्री अमित शाह दो दिवसीय दौरे पर सीमावर्ती राज्य अरुणाचल प्रदेश पहुंचे। यहां पर एक कार्यक्रम में बोलते हुए शाह ने कहा, भारत सुई की नोक की भूमि पर भी कोई अतिक्रमण स्वीकार नहीं करेगा। उनकी यह प्रतिक्रिया तब आई जब उनके दौरे पर चीन ने भौंहे सिकोड़ी थी।चीन ने गृहमंत्री के अरुणाचल प्रदेश के दौरे को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए भारत को धमकी दी कि उनका यह दौरा शांति के लिए खतरा हो सकता है और सीमा पर दोनों देशों की वस्तुस्थिति को बिगाड़ सकता है। हालांकि उनके इस बयान पर भारत के विदेश मंत्रालय ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

अरुणाचल में क्या बोले गृहमंत्री अमित शाह?

चीन के गृहमंत्री के दौरे पर आपत्ति जताने पर उन्होंने कहा, हमारी सेना और आईटीबीपी के जवानों की बहादुरी की वजह से हमारे देश की सीमाओं पर हमें कोई चुनौती नहीं दे सकता। वह समय चला गया जब कोई भी हमारी जमीन पर कब्जा कर सकता था, लेकिन अब सुई की नोक के बराबर भी जमीन पर कब्जा नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा हमारी नीति स्पष्ट है। हम सभी के साथ शांति से रहना चाहते हैं लेकिन अपनी जमीन पर एक इंच भी कब्जा नहीं होने देंगे।

क्या बोला था चीन?

गृहमंत्री शाह के दौरे पर आपत्ति जताते हुए बीजिंग में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक मीडिया ब्रीफ में दावा किया कि अरुणाचल चीन का हिस्सा है। और वहां पर भारत के किसी अधिकारी और नेता का दौरा उसकी संप्रभुता का उल्लंघन है। उसने इसी बयान पर धमकी देते हुए कहा, उनका (गृहमंत्री अमित शाह) यह दौरा सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति के लिए अनुकूल नहीं है। हम इसके सख्त खिलाफ हैं।

क्या है भारत-चीन विवाद?

अरुणाचल प्रदेश भारत-चीन के बीच होने वाले विवाद की कई वजहों में से एक कारक है। चीन अपनी विस्तारवादी नीति के तहत भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य अरुणाचल प्रदेश में अपना दावा करता आया है। चीन सिर्फ यही नहीं बल्कि अक्साई चिन क्षेत्र में भी भारत के साथ सीमा विवाद पर है, और वह हमारे संरक्षित राज्य भूटान के भी हिस्से को अपने देश का हिस्सा बताता रहता है।

चीन सिर्फ भारत के साथ ही सीमा विवाद पर नहीं है, वह अपनी भौगोलिक सीमा में आने वाले लगभग-लगभग हर पडोसी देश की जमीनों और सीमाओं को अपना हिस्सा बताता आया है, ताइवान इसका उदाहरण है। (एएमएपी)

टाटा मोटर्स कंपनी को दो यूनिट में बांटने की तैयारी, शेयरधारकों पर नहीं पड़ेगा कोई फर्क

पैसेंजर व्हीकल्स और कमर्शियल व्हीकल्स बिजनेस को अलग करेगी कंपनी

टाटा ग्रुप की दिग्गज कंपनी टाटा मोटर्स को लेकर बड़ी खबर आयी है। टाटा मोटर्स के बोर्ड ने कंपनी के बिजनेस ऑपरेशंस को 2 यूनिट में बांटने की मंजूरी दे दी है। कंपनी आने वाले समय में पैसेंजर व्हीकल्स और कमर्शियल व्हीकल्स बिजनेस को अलग करेगी। यह कंपनियां शेयर बाजार में लिस्ट होंगी। टाटा मोटर्स के सभी शेयरहोल्डर्स की दोनों नई लिस्टेड कंपनी में बराबर की हिस्सेदारी बनी रहेगी। यानी जिनके पास भी टाटा मोटर्स के शेयर हैं उन्हें दोनों लिस्टेड कंपनियों में बराबर के शेयर मिलेंगे।

कर्मशियल-पैसेंजर व्हीकल यूनिट अलग होंगे

टाटा मोटर्स की ओर से सोमवार को शेयर की गई जानकारी के मुताबिक, वह अपने कारोबार को इस डी-मर्जर के तहत दो अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों में विभाजित करेगी। एक इकाई में कमर्शियल वाहन (सीवी) व्यवसाय और उससे संबंधित इन्वेस्टमेंट होंगे, जबकि दूसरी यूनिट में पर्सनल व्हीकल (पीवी), इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी), जेएलआर और उनके संबंधित निवेश शामिल होंगे। स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा गया है कि डी-मर्जर को एनसीएलटी (एनसीएलटी) व्यवस्था योजना के माध्यम से लागू किया जाएगा।

शेयरहोल्डर्स के पास दोनों कंपनियों में हिस्सेदारी

डी-मर्जर के बाद टाटा मोटर्स लिमिटेड के सभी शेयरधारकों के पास दोनों लिस्टेड कंपनियों में समान हिस्सेदारी बनी रहेगी। कंपनी की ओर से कहा गया है कि बीते कुछ सालों में टाटा मोटर्स के कमर्शियल वाहनों, पैसेंजर वाहनों और जगुआर लैंड रोवर बिजनेस ने अलग-अलग स्ट्रेटजी को सफलतापूर्वक लागू करके मजबूत प्रदर्शन दिया है। साल 2021 से ये तीनों बिजनेस अपने संबंधित सीईओ के तहत इंडिपेंडेंट रूप से काम कर रहे हैं।

क्या बोले टाटा संस चेयरमैन?

भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर के इस बड़े डीमर्जर पर बोलते हुए टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा मोटर्स ने पिछले कुछ वर्षों में एक मजबूत बदलाव की पटकथा लिखी है। तीन ऑटोमोटिव बिजनेस यूनिट्स अब स्वतंत्र रूप से काम करते हुए लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह डीमर्जर उनके फोकस को बढ़ाकर बाजार द्वारा प्रदान किए गए अवसरों को बेहतर ढंग से भुनाने में मदद करेगा।

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टाटा मोटर्स के शेयरों में तेजी

एन चंद्रशेखरन के मुताबिक, एक कंपनी को दो इकाइयों में बांटे जाने से हमारे ग्राहकों को और भी अधिक बेहतर अनुभव होगा। इसके साथ ही हमारे कर्मचारियों के लिए बेहतर विकास की संभावनाएं और हमारे शेयरधारकों के लिए बेहतर मूल्य प्राप्त होगा। गौरतलब है कि टाटा मोटर्स लिमिटेड के शेयर बीते कुछ दिनों से लगातार तेज प्रदर्शन कर रहा है। सोमवार को ये स्टॉक हरे निशान पर 988.90 रुपये पर बंद हुआ। टाटा मोटर्स Share में 0.56 फीसदी की तेजी आई। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 3.62 लाख करोड़ रुपये है।(एएमएपी)

कांग्रेस ने जारी की 43 उम्मीदवारों की तीसरी सूची, लक्ष्मण सावदी को अठानी से मिला टिकट

10 मई कर्नाटक में होने वाले चुनाव को लेकर कांग्रेस ने उम्मीदवारों की तीसरी लिस्ट जारी कर दी है। विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां दिन-ब-दिन तेज होती जा रही हैं। इस बार पार्टी को सत्ता में लाने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बड़ी तैयारी की है और 224 उम्मीदवारों में से 166 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। कांग्रेस पहली लिस्ट में 124 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा बिना किसी भ्रम के पहले ही कर चुकी है। कांग्रेस हाईकमान ने दूसरी लिस्ट में 42 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की और आज (शनिवार) तीसरी लिस्ट जारी की गई। कांग्रेस ने तीसरी लिस्ट में 43 उम्मीदवारों को टिकट दिए।

पार्टी की ओर से जारी सूची के अनुसार, कोलार विधानसभा क्षेत्र से कोथुर जी मंजूनाथ उसके उम्मीदवार होंगे। उल्लेखनीय है कि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया इस विधानसभा चुनाव में वरुणा के साथ इस क्षेत्र से भी चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं। उनका नाम वरुणा विधानसभा क्षेत्र से घोषित हो चुका है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को छोड़कर शुक्रवार को कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व उपमुख्यमंत्री लक्ष्मण सावदी को अथानी विधानसभा क्षेत्र से टिकट दिया गया है। गत छह अप्रैल को जारी कांग्रेस की दूसरी सूची में उसके 41 उम्मीदवार शामिल थे और एक प्रत्याशी सर्वोदय कर्नाटक पार्टी का था। सर्वोदय कर्नाटक पार्टी के दर्शन पुट्टनैया को मेलुकोट विधानसभा सीट से उम्मीदवार घोषित किया गया था।

कांग्रेस ने कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए गत 25 मार्च को 124 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी की थी। पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को वरुणा सीट से चुनाव मैदान में उतारा गया है। कांग्रेस अब तक कुल 166 उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। अब उसे 58 सीटों पर उम्मीदवार और घोषित करने हैं। कर्नाटक की सभी 224 विधानसभा सीट के लिए 10 मई को मतदान होगा और वोटों की गिनती 13 मई को की जाएगी।(एएमएपी)

चार धाम की यात्रा शुरू, 25 अप्रैल को खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट

उत्तराखंड की चार धाम यात्रा पर जाने वालो का इंतजार अब खत्म हुआ। आज यानि शनिवार, अक्षय तृतीया से उत्तराखंड की चारधाम यात्रा शुरू हो चुकी है। अगले 5 दिन में हिन्दू तीर्थ यात्री यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के दर्शन करेंगे।

खुले यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट

चार धाम यात्रा में शनिवार को सबसे पहले गंगोत्री धाम के कपाट खुले। इस अवसर पर गंगोत्री मंदिर को 11 क्विंटल गेंदे के फूलों से सजाया गया है। उसके बाद यमुनोत्री धाम के कपाट खोले गए। केदारनाथ धाम के कपाट 25 अप्रैल को और बद्रीनाथ धाम के कपाट 27 अप्रैल को खोले जाएंगे। वहीं, आज खरसाली से मां यमुना की डोली सुबह 8:25 बजे रवाना हुई। उत्तराखंड सीएम पुष्कर सिंह धामी गांव खरसाली से मां यमुना की डोली के प्रस्थान में शामिल हुए। इस दौरान मां यमुना की डोली के प्रस्थान में भाग ले रहे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्थानीय लोगों पर हेलीकॉप्टर ने पुष्पवर्षा भी की गई।

हर एक किलोमीटर पर होगी मेडिकल रिलीफ पोस्ट

विश्व प्रसिद्ध चार धाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए धामी सरकार विशेष प्रयास कर रही है। इसके चलते श्रद्धालुओं के लिए हर एक किलोमीटर पर मेडिकल रिलीफ पोस्ट बनाई गई है। चार धाम यात्रा मार्ग में 130 डॉक्टरों की तैनाती की गई है। इसमें डॉक्टर ,पैरामेडिकल स्टाफ, ऑक्सीजन सिलेंडर और दवाएं उपलब्ध होंगी। इस बार यहां पर प्वाइंट आफ केयर टेस्टिंग डिवाइस भी होगा। इस डिवाइस से 28 तरह के रोगों की टेस्टिंग हो सकेगी।

यात्रा रुट पर उपलब्ध होंगे स्वास्थ्य एटीएम

चार धाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के इंतजाम किए गए हैं। चार धाम यात्रा मार्गों पर मौजूद अस्पतालों में डॉक्टर, स्टाफ, ऑक्सीजन सिलेंडर और दवाओं की व्यवस्था तो की ही गयी है। इसके अलावा मार्ग पर स्वास्थ्य एटीएम भी लगाए गये हैं। इस बार किसी भी यात्री को स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।

गाइडलाइन भी हुई जारी

चार धाम यात्रा के लिए गाइडलाइन यानी एसओपी जारी कर दी गयी है। इसमें यात्रियों को सुझाव दिया है कि वह यात्रा के दौरान अपने शरीर को पहाड़ के मौसम के अनुकूल बना लें। यदि कठिनाई आ रही है तो कुछ समय आराम करें और इसके बाद ही यात्रा करें। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा कि सरकार यात्रा में आने वाले सभी श्रद्धालुओं का स्वागत करती है। लेकिन साथ ही यह अपील भी है कि 55 साल से अधिक आयु वर्ग के श्रद्धालु यदि किसी बीमारी मसलन शुगर, बीपी, हृदयरोग आदि से ग्रसित हैं तो उसका उल्लेख कर दें। ऐसे श्रद्धालुओं की निगरानी की जाएगी।

अब कितने भी लोग कर सकेंगे दर्शन

उत्तराखंड के चारों धामों में अब कितने भी तीर्थ यात्री दर्शन कर सकेंगे। प्रदेश सरकार ने चारधाम यात्रा के दौरान दर्शनार्थियों की संख्या को प्रत्येक धाम में प्रतिदिन सीमित रखने के निर्णय को वापस ले लिया गया है। यात्रा काल में पंजीकरण की प्रक्रिया पूर्ववत जारी रहेगी। यह व्यवस्था यात्रियों की यात्रा में मददगार साबित होती है। यात्रा के दौरान सुरक्षा और सुविधा का पूर्ण ध्यान रखा जाएगा तथा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय स्तर पर व्यवस्था की जाएगी। बता दें कि इस बार चार धाम यात्रा के लिए 21 अप्रैल तक 16 लाख लोग यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं।(एएमएपी)