स्थिति का जायजा लेने मौके पर पहुंची भूवैज्ञानिकों की टीम।

भू-धंसाव का सामना कर रहे जोशीमठ के बाद अब केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में भी इसी तरह के मामले देखे गए हैं। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के कम से कम सात घरों में दरारें आई हैं। यह दरारें ठीक वैसी ही बताई जा रही हैं जैसी उत्तराखंड के जोशीमठ में देखी गई हैं। सूत्रों के हवाले से शुक्रवार को बताया कि डोडा जिले के थाथरी शहर के बस्ती इलाके के इन घरों के निवासी अपने पड़ोसियों या रिश्तेदारों के यहां रहने चले गए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, कई घरों में दरारें देखी गईं, जिसके कारण प्रशासन को नागरिकों को अपने घर खाली करने के लिए कहना पड़ा। पता चला है कि दरारें बढ़ती जा रही हैं। इस बीच भूवैज्ञानिकों की एक टीम और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया है। दरारों के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

डोडा के सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) अतहर अमीन जरगर ने कहा, “डोडा जिले में दिसंबर में एक घर में दरारें आने की सूचना मिली थी। कल तक छह इमारतों में दरारें देखीं घीं, लेकिन अब ये दरारें बढ़ने लगी हैं। यह क्षेत्र धीरे-धीरे डूब रहा है। सरकार जल्द से जल्द इसका समाधान निकालने की कोशिश कर रही है।”

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, डोडा जिले की थाथरी नगरपालिका में नई बस्ती क्षेत्र से कम से कम 20 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया है। टाइम्स नाउ ने एसडीएम के हवाले से कहा कि विशेषज्ञों की एक टीम द्वारा क्षेत्र की जांच करने और इसे असुरक्षित घोषित करने के बाद प्रभावित क्षेत्र के लोगों को शिविरों और टेंटों में स्थानांतरित किया जा रहा है।

इस बीच पृथ्वी विज्ञान मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा को बताया कि उत्तराखंड सरकार ने 296 परिवारों के 995 सदस्यों को धंसाव प्रभावित जोशीमठ से सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया है। उच्च सदन में तीन अलग-अलग सवालों के लिखित जवाब में सिंह ने कहा कि जोशीमठ में हाल ही में जमीन धंसने के कारण 863 इमारतों में दरारें देखी गई हैं और कई संरचनाओं को मध्यम और बड़े नुकसान की सूचना मिली है।

उन्होंने कहा कि जमीन धंसने की घटनाओं के बाद उत्तराखंड सरकार ने तपोवन-विष्णुगढ़ बिजली परियोजना और हेलोंगमारवाड़ी बाईपास रोड सहित पूरे जोशीमठ क्षेत्र में सभी निर्माण गतिविधियों पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि 30 जनवरी तक कुल 235 प्रभावित परिवारों को राहत सहायता के रूप में 3.50 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं।(एएमएपी)