भारत की अध्‍यक्षता में जी-20 देशों के पहले सांस्‍कृतिक कार्य दल की बैठक मध्‍य प्रदेश के खजुराहो में शुरू हुई। इसकी अध्‍यक्षता केंद्रीय संस्‍कृति और पर्यटन मंत्री जी.किशन रेड्डी ने की। मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय सामाजिक न्‍याय और अधिकारिता मंत्री डॉ.वीरेन्‍द्र कुमार इस अवसर पर उपस्थित थे। इस बैठक में सांस्‍कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्र में व्‍यापक विचार-विमर्श किया जाएगा। यह बैठक शनिवार तक चलेगी। इससे पहले जी-20 देशों के प्रतिनिधियों का भारतीय पारंपरिक ढ़ंग से स्‍वागत किया गया। उन्‍होंने मध्‍य प्रदेश के लोक नृत्‍य का भी आनंद उठाया।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार, केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी. किशन रेड्डी, संस्कृति राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने छतरपुर जिले के खजुराहो में महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन हॉल में “सांस्कृतिक संपत्ति की सुरक्षा और बहाली पर पोशाक खजाने की वापसी” शीर्षक वाली प्रदर्शनी का उद्घाटन किया है । इस अवसर पर रि एड्रेस रिटर्न ऑफ (ट्रेजर्स) का विमोचन किया गया। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने 2014 से 2022 तक 229 देश से लाई गई और विरासत से जुड़ी दुर्लभ वस्तुओं की वापसी करवाई गई है। इनमें से चयनित वस्तुएँ प्रदर्शनी में प्रदर्शित की गई हैं।

प्रदर्शनी की है ये है खास थीम

इस प्रदर्शनी का उद्देश्य भारत और दुनिया भर में सांस्कृतिक विरासत की सफल वापसी के चुनिंदा उदाहरणों के माध्यम से सांस्कृतिक संपत्ति के प्रत्यावर्तन की भावना, आवश्यकता और भविष्य को प्रदर्शित करना है। प्रदर्शनी सांस्कृतिक वस्तुओं, उनके इतिहास और उनकी सफल वापसी के आसपास की कहानियों को दर्शाने का माध्यम बनी है। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और राष्ट्रीय संग्रहालय संस्थान (छडप्) और राष्ट्रीय संग्रहालय द्वारा संयुक्त रूप से प्रदर्शनी पुन (विज्ञापन) पोशाक खजाने की वापसी का आयोजन किया गया है।
प्रदर्शनी को संस्कृति मंत्रालय ने पूरे भारत में आयोजित जी-20 के संस्कृति कार्य समूह (सीडब्ल्यूजी) की बैठकों का हिस्सा बनाया है। प्रदर्शनी में प्रदर्शित किए जा रहे सबसे महत्वपूर्ण टुकड़ों में से महिला है जिसे 2015 में कनाडा से भारत वापस लाया गया था। इसे अब खजुराहो में एएसआई साइट संग्रहालय में रखा गया है।

प्रदर्शनी में देश भर के इतने पुरावशेषों को किया गया चित्रित

प्रदर्शनी में भारत भर से लगभग 26 पुरावशेषों को चित्रित किया गया है, जो दुनिया के अन्य हिस्सों से प्रत्यावर्तन के कुछ उत्साह जनक उदाहरणों के साथ-साथ अब तक भारत लौटी पुरावशेषों की तस्वीरों और दृश्यों के साथ पूरक हैं। अब तक विभिन्न देशों से कुल 242 पुरावशेषों को भारत में प्रत्यावर्तित किया गया है। कई अन्य अभी वापसी की प्रक्रिया में हैं। सांस्कृतिक संपत्ति को वापस लाने की दिशा में किए गए वैश्विक प्रयास देशों के बीच सांस्कृतिक और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के उत्तम उदाहरण हैं। ये कला और पुरातनता के टुकड़े, अवैध तस्करी के पिछले शिकार अब सांस्कृतिक राजदूतों और सांस्कृतिक विरासत के प्रत्यावर्तन के अधिवक्ताओं के रूप में प्रदर्शित किए जा रहे हैं।

इसके साथ ही सीएम शिवराज सिंह चौहान ने छतरपुर जिले के खजुराहो में जी-20 संस्कृति कार्य समूह की बैठक के आयोजन के अवसर पर मध्यप्रदेश के जनजातीय एवं लोक कला राज्य संग्रहालय सांस्कृतिक गाँव आदिवर्त का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आदिवर्त पहुँच कर सर्वप्रथम बड़ादेव और बूढ़ी दाई की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन किया।

आदिवर्त के पहले चरण में 7 जनजातियों के गाँव के परिदृश्य को शामिल किया गया

संस्कृति विभाग द्वारा आदिवर्त को मध्यप्रदेश जनजातीय एवं लोक कला राज्य संग्रहालय के रूप में परिकल्पित किया गया है। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार, जिले के प्रभारी एवं सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा, सांसद विष्णुदत्त शर्मा सहित अनेक विशिष्टजन उपस्थित थे। सांस्कृतिक गाँव आदिवर्त के पहले चरण में 7 जनजातियों के गाँव के परिदृश्य को शामिल किया गया है।

सभी ने जनजातीय वर्ग के आवासों में पहुँच कर उनके रहन-सहन और संस्कृति को देखा। चित्रकला दीर्घा का अवलोकन भी किया, जहाँ जनजातीय वर्ग की लोक कला चित्रांकन के जरिए प्रदर्शित है।  अगरिया जनजाति की शिल्प कला की प्रक्रिया को भी देखा। मुख्यमंत्री सहित अन्य अतिथियों ने सांस्कृतिक गाँव आदिवर्त की सराहना की। आदिवर्त में प्रदेश की प्रमुख जनजातियों, क्रमशः गोंड, बैगा, भील, भारिया, कोरकू, कोल एवं सहरिया के साथ पाँचों सांस्कृतिक अंचल क्रमशः बघेलखंड, बुंदेलखंड, मालवा, निमाड़ एवं चंबल के प्रतिनिधिक आवासों और जीवन उपयोगी वस्तुओं का निर्माण कर प्रदर्शित किया गया है।

लोक धुनों पर थिरके सीएम समेत आए सभी अतिथि

मुख्यमंत्री चौहान खजुराहो में आदिवर्त जनजातीय लोक कला राज्य संग्रहालय के लोकार्पण समारोह में स्थानीय लोक कलाकारों के साथ लोक धुनों पर थिरके। उन्होंने ढोल भी बजाया और नृत्य कर कलाकारों का उत्साह वर्धन किया। उनके साथ यहां आए सभी अतिथि भी आदि नृत्‍य पर झूमते नजर आए। इस अवसर पर संचालक, संस्कृति अदिति कुमार त्रिपाठी ने कहा कि आदिवर्त संग्रहालय के माध्यम से जनजातीय कलाकारों को स्थानीय उत्पाद और पेंटिंग इत्यादि के विक्रय का बेहतर मौका मिलेगा। इससे कलाकारों की आजीविका भी सुदृढ़ होगी। कार्यक्रम में कलाकारों द्वारा सामूहिक नृत्य भी प्रस्तुत किए गए। संभागायुक्त श्री मुकेश कुमार ने शुक्ला, आईजी श्री प्रमोद शर्मा, कलेक्टर श्री संदीप जी.आर., एसपी श्री सचिन शर्मा सहित स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद थे।(एएमएपी)