हमीरपुर में जेल के बंदियों को अब आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। पहले चरण में 60 बंदियों को प्रशिक्षण देकर इलैक्ट्रीशियन और मैकेनिक बनाने का प्लान भी तैयार किया गया है। ये बंदी जेल से रिहा होने के बाद अपनी किस्मत चमकाने के लिए खुद रोजगार कर सकेंगे।हमीरपुर जिला कारागार में एक हजार से अधिक बंदी विभिन्न मामलों में कैद है। इनमें तीन सौ सजायाफ्ता है। शासन ने जेल के ऐसे बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने की मंशा की है जिनकी उम्र अठारह से पैंतीस वर्ष की है। डिप्टी जेलर एके राजधर ने बताया कि जेल के बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए तैयारी यहां शुरू कर दी गई है। इसके लिए एक सौ एक बंदियों को प्रशिक्षण देने के लिए चयनित किया गया है। बताया कि पहले चरण में 60 बंदियों की सूची फाइनल की गई है। जिन्हें जल्द ही प्रशिक्षण दिया जाएगा।

प्रशिक्षण के बाद बंदियों मिलेंगे को प्रमाणपत्र

डिप्टी जेलर ने बताया कि चयनित बंदियों को इलैक्ट्रीशियन, प्लंबरिंग सहित अन्य ग्रेड के प्रशिक्षण दिए जाएंगे। प्रशिक्षण के बाद इन बंदियों को परीक्षा देनी होगी। परीक्षा पास करने पर बंदियों को प्रशिक्षण सम्बन्धी प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। जारी प्रमाण पत्रों में कारागार का कोई जिक्र नहीं होगा। बताया कि जेल से रिहा होने के बाद ये बंदी जाॅब कर सकेेंगे। बताया कि कोरोना काल में वर्ष 2020 में पीएम कौशल मिशन के तहत जेल के तीस बंदियों के एक बैच को प्रशिक्षण दिया गया था। जिनमें कई बंदी जेल से बाहर हो चुके है।(एएमएपी)