अखिल भारतीय इमाम संघ के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी के एक विवादित बयान ने गुजरात के माहौल को गरमा दिया है। गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में मौलाना साजिद रशीदी के खिलाफ जहरीला बयान देने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि मौलाना के कथित तौर पर यह दावा करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है कि गजनी के महमूद गजनवी ने सोमनाथ मंदिर को नष्ट नहीं किया था वरन वहां चल रही ‘अनैतिक चीजों’ को रोकने का काम किया था।
सोमनाथ ट्रस्ट की ओर से शिकायत
एक अधिकारी ने बताया कि श्री सोमनाथ ट्रस्ट के महाप्रबंधक विजयसिंह चावड़ा ने अखिल भारतीय इमाम संघ के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी के खिलाफ इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। मालूम हो कि गिर सोमनाथ जिले के प्रभास पाटन में स्थित प्राचीन मंदिर को 11वीं शताब्दी के बाद से विदेशी आक्रमणकारियों द्वारा बार-बार नष्ट किया गया था। आजादी के बाद इसका पुनर्निर्माण कराया गया था।
दिया था विवादित बयान
पिछले महीने कुछ समाचार चैनलों द्वारा प्रसारित एक साक्षात्कार में मौलाना साजिद रशीदी ने कथित तौर पर दावा किया था कि गजनी के महमूद गजनवी ने सोमनाथ के प्राचीन मंदिर को नष्ट नहीं किया था। रशीदी ने कहा था- ‘इतिहास के अनुसार, मुझे पता चला कि मंदिर में आस्था और हिंदू देवताओं के नाम पर अनैतिक गतिविधियां चल रही थीं। महमूद गजनवी ने वहां अपने जासूस भेजे और तथ्यों का पता कराया। तथ्यों का पता चलने के बाद महमूद गजनवी ने मंदिर पर आक्रमण किया था। उसने मंदिर को तोड़ा नहीं था। उसने केवल गलत कामों का अंत किया था।’
इन धाराओं में दर्ज हुआ केस
अखिल भारतीय इमाम संघ के प्रमुख रशीदी के खिलाफ प्रभास पाटन में भारतीय दंड संहिता की धारा 153ए (धर्म, नस्ल, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) और 295ए (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से दुर्भावनापूर्ण कार्य) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। जिला पुलिस अधीक्षक मनोहरसिंह जडेजा ने यहां संवाददाताओं से कहा कि हमें पता चला है कि मौलाना साजिद रशीदी ने पहले भी इस तरह के भड़काऊ और जहरीले बयान दिए हैं। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। (एएमएपी)



