पीपी का निधन हजारों पत्रकारों के पीपी सर अब नहीं रहे। सोमवार देर रात हार्ट अटैक के कारण उनका निधन हो गया। हार्ट अटैक आने के बाद उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। भोपाल के भदभदा घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया । पीपी सर के निधन से पूरा पत्रकारिता जगत सदमे में है। उनके पढ़ाए हुए छात्र आज देश दुनिया के सभी प्रमुख पत्रकारिता संस्थानों में अहम पदों पर हैं। कई ने प्रशासकीय सेवा भी ज्वाइन की हुई है।
पुष्पेंद्र पाल सिंह को शायद ही कोई उनके पूरे नाम से जानता या बुलाता था। पुष्पेंद्र पाल सिंह बच्चों की मदद के लिए हमेशा खड़े रहते थे। कई बार उन्होंने विद्यार्थी के पास फीस के पैसे नहीं होने पर उन्होंने फीस भी भरी है। ऐसा कहा जाता है कि अगर कोई छात्र रात को 12 बजे इन्हें फोन करके कह दे कि मैंने आज खाना नहीं खाया तो वो खुद खाना लेकर छात्र के पास पहुंच जाते थे।
CM शिवराज ने ट्वीट कर शोक जताया
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार सुबह ट्ववीट करते हुए लिखा- हिंदी पत्रकारिता जगत के लिए बड़ी क्षति। श्री पुष्पेंद्र पाल सिंह जी मेरे लिए एक मित्र और परिवार की तरह थे, उनका असमय जाना मेरी व्यक्तिगत क्षति है। एक योग्य, सरल और कर्मठ व्यक्तित्व, जिन्हें जो भी जिम्मेदारी दी गई, उसे उत्कृष्टता के साथ उन्होंने पूरा किया। श्री पुष्पेंद्र पाल सिंह जी अपने आप में पत्रकारिता का एक संस्थान थे। उन्होंने प्रदेश और प्रदेश के बाहर पत्रकारिता के अनेकों विद्यार्थी गढ़े। विद्यार्थियों के बीच ‘पीपी सर’ के नाम से प्रसिद्ध एक योग्य गुरु का जाना स्तब्ध कर गया। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत श्री पुष्पेंद्र पाल सिंह जी को अपने श्री चरणों में स्थान और परिजनों को यह गहन दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करे। वे अपने कार्यों और विचारों के माध्यम से सदैव हम सबके हृदय में रहेंगे।

पूर्व सीएम कमलनाथ ने भी दी श्रद्धांजलि
पूर्व सीएम कमलनाथ ने भी एमसीयू के पूर्व प्रजापत पुष्पेंद्र पाल सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि पत्रकारिता और जनसंपर्क में मध्यप्रदेश में अपना द्वितीय स्थान रखने वाले पुष्पेंद्र पाल सिंह के असमय निधन का समाचार प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि पुष्पेंद्र पाल सिंह व्यक्ति नहीं, संस्था थे। पत्रकारों की पूरी पीढ़ी तैयार करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मैं ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति एवं परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी जताया शोक
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी जताया शोक ट्वीट के माध्यम से कहा कि माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय, भोपाल के पूर्व प्राचार्य श्री पुष्पेंद्र पाल सिंह जी के अकस्मात् निधन के समाचार से स्तब्ध हूँ। ईश्वर, दिवंगत आत्मा को वैकुण्ठ धाम में स्थान दें और उनके शोक संतप्त परिजनों को इस आघात को सहने की शक्ति दें। मेरी गहरी संवेदनाएं।
पत्रकारिता विभाग के थे विभागाध्यक्ष
पीपी सर भोपाल स्थित माखन लाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवम संचार विश्वविद्यालय में पत्रकारिता विभाग के विभागाध्यक्ष रह चुके हैं। 2015 में वे मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग में मुख्यमंत्री के ओएसडी नियुक्त हुए। उनके पास मध्य प्रदेश सरकार के सभी प्रकाशन की जिम्मेदारी थी। वे सरकार के रोजगार अखबार रोजगार और निर्माण के संपादक भी थे। पीपी सर का ऑफिस भोपाल के मध्य प्रदेश माध्यम में था। उनके ऑफिस में हमेशा लोगों का रेला लगा रहता था। इसमें सिर्फ छात्र ही नहीं बल्कि देश दुनिया के वरिष्ठ पत्रकार-संपादक, फिल्म सेलिब्रिटी, एनजीओ से जुड़े लोग, हकों की आवाज उठाने वाले लोग भी शामिल होते थे।
पीपी सर सबको सही सुझाव देते थे और हर संभव मदद करते थे। उनकी प्रसिद्धि का आलम यह था कि हर साल 8 अक्टूबर को उनके जन्मदिन पर देश भर से छात्रों- छात्राओं का जमावड़ा उनके गुलमोहर कॉलोनी स्थित घर पर होता था। यही कारण है कि आज उनके निधन पर पत्रकारिता जगत में शोक और दुख का माहौल है। (एएमएपी)



