महाकुम्भ 2025 तक अंतरराष्ट्रीय स्तर के एयरपोर्ट की सुविधाओं का होगा विस्तार।
विमानों की नाइट लैंडिंग और एयरपोर्ट टर्मिनल में हुआ विस्तार
प्रयागराज एयरपोर्ट में विभिन्न शहरों की तरफ से आने वाले यात्रियों के लिए आगमन वाले स्थान पर एयरपोर्ट का विस्तार किया जा रहा है। प्रयागराज एयरपोर्ट के निदेशक आर.आर. पांडेय के मुताबिक एयरपोर्ट में अभी एक साथ 4 विमानों के खड़े होने की जगह है, जिसे बढ़ाकर अब 7 किया जा रहा है। एयरपोर्ट में एक और टैक्सी-वे के निर्माण की प्रक्रिया भी चल रही है। मौजूदा समय में एयरपोर्ट टर्मिनल में एक बार में अधिकतम 300 यात्रियों के ही बैठने की व्यवस्था है। इस वजह से जब एक घंटे के अन्दर चार विमानों की आवाजाही हो जाती है, तब यहां बैठने में उन्हें ज्यादा दिक्कत आती है। यात्रियों की सहूलियत के लिए एयरपोर्ट के बगल जमीन का अधिग्रहण करने का प्रस्ताव है। एयरपोर्ट में अब नाइट लैंडिंग की सुविधा भी हो गई है।

एयरपोर्ट अथॉरिटी के मुताबिक यहां अब आईएलएस या इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम भी बनकर तैयार है, जिसमें नाइट लैंडिंग में कोई तकनीकी समस्या नहीं है। यहां से नॉन शेड्यूल फ्लाइट्स की नाइट लैंडिंग हो भी रही है। लेकिन शेड्यूल फ्लाइट्स की लैंडिंग अभी नहीं हो पा रही है जैसे ही अथॉरिटी इसकी अनुमति दे देती है यह सर्विस भी शुरू हो जायेगी।
महाकुम्भ 2025 तक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी तैयार होगा एयरपोर्ट
प्रयागराज एयरपोर्ट से फिलहाल कोई अंतरराष्ट्रीय उड़ान नहीं है लेकिन सरकार की मंशा इसे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी विस्तार करने की है। महाकुंभ 2025 से पहले देश के हर हिस्से में यहां से उड़ानें शुरू करने का प्रस्ताव एविएशन मिनिस्ट्री को भेजा गया है। जिसके बाद यहां अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की भी अनुमति मिल सकती है, जिसे देखते हुए अब यहां और सुविधाएं तेजी से बढ़ाई जा रही हैं। (एएमएपी)



