कोर्ट ने खारिज की ओटीटी पर ‘धुरंधर 2’ रोकने की मांग।

निर्देशक आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर 2’ को कॉपीराइट विवाद के बीच बड़ी कानूनी राहत मिली है। मुंबई की सिविल अदालत ने फिल्म निर्माता संतोष कुमार की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें फिल्म की OTT रिलीज पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की गई थी। अदालत के इस फैसले के बाद फिल्म की डिजिटल रिलीज तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगी।
संतोष कुमार ने अदालत में दावा किया था कि ‘धुरंधर 2’ की कहानी और कुछ संवाद उनकी मूल स्क्रिप्ट से प्रेरित या कॉपी किए गए हैं। उन्होंने अदालत से आग्रह किया था कि मामले की सुनवाई पूरी होने तक फिल्म की OTT स्ट्रीमिंग पर रोक लगाई जाए। लेकिन अदालत ने शुरुआती सुनवाई में ही इस मांग को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
4 जून को दिए गए आदेश में न्यायाधीश यूनुस खराड़ी ने कहा कि याचिकाकर्ता ने यह तथ्य छिपाया कि वह पहले इसी मामले को लेकर कर्नाटक हाईकोर्ट जा चुके हैं। वहां उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी, हालांकि उन्हें सक्षम मंच पर उचित कानूनी उपाय अपनाने की स्वतंत्रता दी गई थी। मुंबई अदालत ने इसे गंभीर तथ्य मानते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया यह दिखाता है कि वादी ‘क्लीन हैंड्स’ यानी पूरी पारदर्शिता के साथ अदालत नहीं आया।
अदालत ने यह भी माना कि संतोष कुमार अपनी स्क्रिप्ट और फिल्म के बीच समानताओं को साबित करने के लिए पर्याप्त तुलनात्मक सामग्री पेश नहीं कर सके। न्यायालय ने कहा कि बिना विस्तृत तुलना और सत्यापन के यह नहीं कहा जा सकता कि फिल्म वास्तव में कथित स्क्रिप्ट की नकल है। ऐसे में अंतरिम रोक या कोर्ट कमिश्नर नियुक्त करने का आधार नहीं बनता।
मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी रहा कि याचिकाकर्ता ने जिस OTT रिलीज को रोकने की मांग की, उस स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म को ही मुकदमे में पक्षकार नहीं बनाया। अदालत ने इसे भी तकनीकी कमजोरी माना।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि यदि इस चरण पर फिल्म की रिलीज रोक दी जाती है तो इससे निर्माताओं और अन्य संबंधित पक्षों को भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है। वहीं यदि भविष्य में याचिकाकर्ता मुकदमा जीतते हैं, तो उन्हें मुआवजे का दावा करने का अधिकार रहेगा। अदालत ने इसी आधार पर कहा कि ‘बैलेंस ऑफ कन्वीनियंस’ प्रतिवादियों के पक्ष में है।
यह फैसला ऐसे समय आया है, जब ‘धुरंधर 2’ सिनेमाघरों में सफल प्रदर्शन के बाद OTT प्लेटफॉर्म जियो हॉटस्टार पर रिलीज हो चुकी है। आदित्य धर निर्देशित इस फिल्म में रणवीर सिंह मुख्य भूमिका में हैं। उनके साथ सारा अर्जुन, आर. माधवन, संजय दत्त, अर्जुन रामपाल, गौरव गेरा और राकेश बेदी जैसे कलाकार नजर आए हैं। फिल्म फ्रेंचाइजी हाल ही में वैश्विक स्तर पर 3000 करोड़ रुपये की कमाई का आंकड़ा पार कर चुकी है, जो भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
इस पूरे विवाद ने एक बार फिर बॉलीवुड में स्क्रिप्ट चोरी और बौद्धिक संपदा अधिकारों की बहस को चर्चा में ला दिया है। पिछले कुछ वर्षों में कई फिल्मों और वेब सीरीज पर कहानी या अवधारणा चोरी करने के आरोप लग चुके हैं। हालांकि अदालतें ऐसे मामलों में केवल आरोपों के आधार पर फिल्म रिलीज रोकने से बचती रही हैं और ठोस प्रमाणों को प्राथमिकता देती हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल युग में फिल्मों के अधिकार कई पक्षों – निर्माता, वितरक, OTT प्लेटफॉर्म और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों – से जुड़े होते हैं। ऐसे में किसी फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने का फैसला तभी संभव होता है, जब प्रथम दृष्टया स्पष्ट और मजबूत प्रमाण मौजूद हों। ‘धुरंधर 2’ मामले में अदालत का रुख इसी न्यायिक संतुलन को दर्शाता है।