राज्यसभा चुनाव 2026।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आगामी राज्यसभा द्विवार्षिक चुनाव 2026 और ओडिशा राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पार्टी की इस घोषणा के बाद कई राज्यों में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा ने जहां अनुभवी नेताओं और संगठन से जुड़े चेहरों पर भरोसा जताया है, वहीं कुछ नए नामों को मौका देकर राजनीतिक संदेश देने की भी कोशिश की है।

चुनाव आयोग के अनुसार, देश के 10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों पर जून-जुलाई 2026 में सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इन सीटों के लिए 18 जून को मतदान कराया जाएगा और उसी दिन मतगणना भी होगी। आंध्र प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक में चार-चार सीटों, मध्य प्रदेश और राजस्थान में तीन-तीन सीटों, झारखंड में दो सीटों तथा मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम में एक-एक सीट पर चुनाव होना है। इसके अलावा महाराष्ट्र, तमिलनाडु और ओडिशा की कुछ सीटों पर उपचुनाव भी कराए जाएंगे।

भाजपा ने फिलहाल पांच राज्यों की 10 सीटों और ओडिशा उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है। राजस्थान में पार्टी ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया और राष्ट्रीय सचिव अलका गुर्जर को उम्मीदवार बनाया है। राजस्थान की तीन सीटों पर चुनाव होना है, लेकिन विधानसभा में संख्या बल को देखते हुए भाजपा दो सीटों पर आसानी से जीत की स्थिति में मानी जा रही है। यही कारण है कि पार्टी ने फिलहाल दो प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं।

राजस्थान की जिन सीटों पर चुनाव हो रहा है, उनमें केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, भाजपा सांसद राजेंद्र गहलोत और कांग्रेस सांसद नीरज डांगी का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है। सतीश पूनिया को संगठनात्मक अनुभव और पार्टी में लंबे समय से सक्रिय भूमिका का लाभ मिला है, जबकि अलका गुर्जर को मौका देकर भाजपा ने सामाजिक और महिला प्रतिनिधित्व का संदेश देने की कोशिश की है।

गुजरात में भाजपा ने सभी चार सीटों पर एक साथ उम्मीदवार घोषित किए हैं। पार्टी ने राजूभाई शुक्ला, मुकेशभाई राठवा, मान सिंह परमार और जितेंद्र मेघजीभाई कंजरिया को मैदान में उतारा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, गुजरात में उम्मीदवारों की यह सूची क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।

मध्य प्रदेश में भाजपा ने राष्ट्रीय स्तर के नेताओं तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल को उम्मीदवार बनाया है। दोनों नेताओं को संगठनात्मक अनुभव के कारण महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं अरुणाचल प्रदेश से ताई टागक और मणिपुर से ए. शारदा देवी को उम्मीदवार घोषित किया गया है।

ओडिशा राज्यसभा उपचुनाव के लिए भाजपा ने देबाशीष सामंतराय पर दांव लगाया है। वे पहले बीजू जनता दल (बीजद) से जुड़े रहे हैं और हाल ही में भाजपा में शामिल हुए थे। इससे पहले भी वे राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। भाजपा का यह फैसला ओडिशा में अपने राजनीतिक विस्तार की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

राजनीतिक दृष्टि से भाजपा की यह सूची कई संदेश देती है। पार्टी ने एक ओर संगठन में लंबे समय से सक्रिय नेताओं को महत्व दिया है, वहीं सामाजिक समीकरणों को भी साधने की कोशिश की है, साथ ही भरोसा दिलाया है कि बाहर से आए लोगों का भी ध्यान रखा जाएगा। राजस्थान और गुजरात जैसे राज्यों में घोषित नामों को आगामी विधानसभा और लोकसभा राजनीति से जोड़कर भी देखा जा रहा है।

अब सभी की नजर कांग्रेस, क्षेत्रीय दलों और अन्य विपक्षी पार्टियों की रणनीति पर टिकी है। आने वाले दिनों में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।